स्मृति-पत्र एवं नियमावली
  1. राष्ट्रीय संस्था का नाम : अखिल भारतीय चौरसिया महासभा, कोलकाता, (रजि.)
  2. राष्ट्रीय संस्था का पंजीकृत कार्यालय का पता :
  • प्रधान कार्यालय : 234-डी आचार्य प्रफुल्ल रोड, कोलकाता
  • पत्रचार कार्यालय का पता : 57/04 लाल फाटक, शक्कर पटटी, कलक्टरगंज, कानपुर-208001
  1. संस्था का कार्य क्षेत्र : सम्पूर्ण भारत |
  2. संस्था कें निम्नलिखित उद्देश्य होगे :
  • समाज सेवा की भावना का जनसमाज में प्रचार व प्रसार करना।
  • निर्बल आय वर्ग की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कारिक समस्याओं की जानकारी प्राप्त कर उनका यथा सम्भव निवारण करने का प्रयास करना |
  • सार्वजनिक रूप से चौरसिया समाज के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं रोजगार की उन्नति में योगदान में प्रयास करना |
  • चौरसिया समाज के नवयुवकों व नवयुवतियों को समारोह द्वारा परिचय सम्मेलन के माध्यम से एक दूसरे के परिचय और समझने का आयोजन करना |
  • चौरसिया समाज द्वारा सामूहिक विवाह का आयोजन करना जिसमें निर्बल आय वर्ग के कनन्‍्याओं का विवाह पूर्ण संस्कारों द्वारा सम्पन्न कराना |
  • देश एवं समाज के भिन्न-भिन्न कार्य क्षेत्रें में विशेष योगदान देने वाले सामाजिक व्यक्तियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन करना व चौरसिया समाज को संगठित करना एवं उनके उन्नति के लिए प्रयास करना |
  • समाज के समितियों द्वारा पत्रिका छपवाना जिसमें देश समाज की महत्वपूर्ण जानकारी से समाज को अवगत कराना |
  • ज समाज के निर्बल आय वर्ग के बालक व बालिकाओं के शिक्षा एंव उच्च शिक्षा हेतु कार्य करना तथा विद्यालय छात्रवास आदि का व्यवस्था एवं स्थापना का प्रयास करना |
  • चौरसिया समाज के प्रादेशिक, जिला मण्डलस्तर पर संस्थाओं तथा उनकी शाखाओं की स्थापना करना जिनसे संस्था के उद्देश्यों की पूर्ति एवं सहयोग करना |
  • ढसंस्था के संचालन हेतु सामाजिक व्यक्तियों द्वारा धन संग्रह करना।
  • संस्था के लिए अचल सम्पत्तियों का कय करना तथा संस्था के हित में हो तो लीज में या किराये पर लेना व देना |
  • समय-समय पर नियमों व उपनियमों का निर्माण, संशोधन, परिवर्तन तथा परिवर्धन राष्ट्रीय समीक्षा समिति के आदेशानुसार होगा।
  • संस्था के विधान में संशोधन के अध्यक्ष के द्वारा कार्यसमिति के बहुमत द्वारा पास कराने के पश्चात लागू माना जायेगा।
  1. संस्था का प्रारूप निम्नलिखित होगा

      राष्ट्रीय समीक्षा समिति (Core Cammittae)

      राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति (National Working Cammittae)

      राष्ट्रीय महिला कार्यकारिणी समिति (National Women Working Cammittae)

      राष्ट्रीय नवयुवक कार्यकारिणी समिति (National Youth Working Cammittae)

      प्रादेशिक संस्था

      जिला-संस्था

नोट: प्रादेशिक संस्था, जिला संस्था राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के परामर्श एवं विधान सम्मत कार्य करेगी |

  1. संस्थाओं का पंजीयन नियम

      राष्ट्रीय संस्था का पंजीयन रजिस्ट्रार कार्यालय भारत सरकार के अन्तर्गत कराया गया है।

      प्रादेशिक समितियों का पंजीयन राष्ट्रीय संस्था में करवाना अनिवार्य होगा।

      जिला समितियों और जिला प्रभारी का पंजीयन भी प्रदेशिक संस्थाओं में कराना होगा |

      शाखा मण्डल इकाई का पंजीयन जिला के संस्था में करना होगा।

  1. संस्थाओं का मान्य

      प्रदेश समिति, जिला समिति, मण्डल समिति, एवं मण्डल प्रभारी का मान्यता समिति द्वारा तभी दिया जायेगा जब आवेदक समिति का पदाधिकारी का कालम पूरा हो और समिति सदस्यों का आवेदन पर हस्ताक्षर पत्र द्वारा और पहचान पत्र के साथ स्वच्छ हस्ताक्षर होना अनिवार्य है।

     पंजीयनकर्ता, समिति द्वारा शुल्क रसीद, प्रमाण पत्र अवधि के साथ जारी करेगा और उसका रिकार्ड एवं आवेदन फोटों सहित दस्तावेज में सुरक्षित रखेगा |

     राष्ट्रीय प्रांति जिला मण्डल स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए जो पत्रिका ५#1४/५४00, 1806200/९ बैनर, पोस्टर या किसी अन्य माध्यम से किया जाएगा। वह संस्थाओं के कायदा कानून एवं भारतीय संविधान के दायरे में होना चाहिए। कानून का उलंघन का जिम्मेदारी उस व्यक्ति व समिति का होगा। राष्ट्रीय संस्था व अन्य संस्था का व्यक्ति उसका जिम्मेदार नही होगा ।

  1. विवाद के नियम

क      राष्ट्रीय संस्था किसी भी विवाद के समय कानून एवं प्रशासन से भी विवाद में मदद ले सकती है। इसके लिए राष्ट्रीय समीक्षा समिति से राष्ट्रीय संस्था को बहुमत से अनुमति प्राप्त होना चाहिए।

     संस्था के किसी भी नियम आदेश, निर्वाचन अधिकार को राष्ट्रीय या किसी भी प्रादेशिक जिला, प्रभारी मण्डल के द्वारा समिति के निर्णय को न्यायालय में चुनौती नही किया जा सकता है। किसी विवाद पर अंतिम निर्णय समीक्षा समिति के बहुमत की अनुशंसा पर राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा लिया जायेगा वही मान्य होगा।

ग      यदि किसी भी सदस्य का कार्य व्यवहार संस्था के उद्देश्यों और संगठन के विपरीत पाये जाते है तो उसे नोटिस देने के बाद, सदस्य के जवाब से असंतुष्ट होने पर 1 वर्ष या 1 कार्यकाल के लिए सदस्य को बर्खास्त किया जा सकता है। जिसमें सदस्यता शुल्क वापसी का कोई प्रावधान नही है।

     एक कार्यकाल के लिए बर्खास्त सदस्य की सदस्यता समाप्त समझी जायेगी पुनः जोड़ने के लिए शुल्क सहित नये सदस्य की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। यदि सदस्य किसी भी आरोप में कार्यकारिणी के जवाब से सन्तुष्ट नही है तो समीक्षा समिति में अपील आवेदन कर सकते है और समीक्षा समिति का निर्णय आखिरी होगा। जिस पर किसी भी प्रकार का का आरोप या विवाद मान्य नहीं होगा।

      संस्था से सम्बन्धित सदस्य किसी भी पदाधिकारी से व्यक्तिगत तौर पर या सार्वजनिक रूप से संस्था सम्बन्धित कोई जवाब-सवाल नही कर सकता। जवाब या जानकारी कार्यकारिणी की बैठक में एजेंडे में सम्मिलित करा कर किया जा सकता है जिसके लिए सदस्य को बैठक के कम से कम १५ दिन पहले संगठन के द्वारा वह सवाल या आरोप लिखित हस्ताक्षर पत्र द्वारा संस्था में चर्चा के लिए जमा करना होगा। तत्काल बैठक में एजेंडे के अलावा अन्य कोई आरोप प्रत्यारोप का विधान नही है। विशेष चर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष की अनुमति से मान्य होगा।

च      नए सदस्य के लिए आवेदन संगठन मंत्री के द्वारा किया जा सकता है। जोकि महासचिव द्वारा समीक्षा समिति में अनुमति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। आवेदन पर सहमति होने पर सदस्यता शुल्क लेकर रसीद और संस्था का विधान दिया जाएगा। आवेदन सहमति या असहमति समीक्षा समिति का विवेकाधिकार होगा | इसको चुनौती नहीं दिया जा सकता |

      संस्था के किसी पदाधिकारी द्वारा कोई सूचना या कार्य व्यवहार करने के लिए उस पदाधिकारी के पद का उल्लेख एवं संस्था के लेटर हेड पर होना चाहिए अन्यथा उसके द्वारा किए गए कार्य पर किसी विवाद की स्थिति में उसका व्यक्तिगत विवाद माना जाएगा | जिसका संस्था का कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

      संस्था के पदाधिकारी समीक्षा समिति से बिना स्वीकृत कोई सूचना वा कार्य व्यवहार अपने अनुसार प्रस्तुत करेंगे तो उस प्रस्तुति का दायित्व उस पदाधिकारी का होगा | जिसको संस्था का उल्लंघन माना जाएगा और संस्था कारण बत्ताओ नोटिस के द्वारा आपसे जवाब सवाल कर निर्णय कर सकता है।

  1. सदस्यता समिति के सदस्य निम्नलिखित होगे

क      संरक्षक सदस्य – संस्था द्वारा निर्धारित सदस्यता राशि और विशेष सामाजिक आयोजना में विशेष सहयोग व योगदान देना होगा।

ख      आजीवन सदस्य – संस्था के नियमों के अनुसार एक निश्चित राशि एक बार देकर आजीवन सदस्यता ग्रहण की जा सकती है।

ग॒      कार्यकारिणी सदस्य – संस्था के द्वारा कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत होने पर कार्यकारिणी शुल्क अदा करके मान्यता प्राप्त सदस्य होगे जोकि एक कार्यकाल के लिए ही मान्य होगा |

  1. निर्वाचन का नियम सभी समितियों में और प्रभारियों पर लागू

क      कार्यकारिणी अध्यक्ष का निर्वाचन सर्वसम्मति से होगा। विशेष परिस्थिति में सदस्यों के मतदान का भी प्रावधान लागू किया जा सकता है। निर्वाचन कार्य को ३5 बहुमत से पूर्ण किया जाना चाहिए |

ख      कार्यकारिणी समिति के निर्वाचन का प्रकिया राष्ट्रीय समीक्षा समिति सदस्यों के द्वारा संस्था के नियमों के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष के मार्गदर्शन में तटस्य और भेदभाव रहित पूर्ण करेगी |

ग      मनोनीत प्रकिया में पदाधिकारी में नामांकन एवं मतदान में राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं उस संस्था का कार्यकारिणी सदस्य ही कर सकता है।

घ॒      कार्यकारिणी के मनोनयन में नामांकन संस्था का पंजीकृत सदस्य ही कर सकता है।

ड      मनोनयन के लिए वर्तमान पदाधिकारी अपने कार्यकाल में समाज के लिए किये गये कार्य सहयोग योगदान एवं भविष्य की योजनाओं का विवरण के साथ हस्ताक्षर पत्र द्वारा राष्ट्रीय समीक्षा समिति के पास आवेदन बन्द लिफाफे में करेगा |

च      जो सदस्य किसी पद पर मनोनन प्रक्रिया में नामांकन करना चाहता है वह भी भविष्य की योजनाए समाज में क्या सहयोग, योगदान करेगा उस घोषणा के साथ हस्ताक्षर पत्र द्वारा उक्त पद के लिए आवेदन राष्ट्रीय समीक्षा समिति के पास बन्द लिफाफे में करेगा।

छ      राष्ट्रीय समीक्षा समिति द्वारा घोषित हस्ताक्षर पद को आम सभा में सदस्यों को जो कार्यवाहक एवं नामांकित प्रत्याशी की घोषणा से अवगत करायेगा जिस प्रत्याशी के कार्य सहयोग योगदान घोषणापत्र से समाज को अधिक लाभ होगा। राष्ट्रीय समिति उस प्रत्याशी को मनोनीत कर देगी।

ज      राष्ट्रीय समीक्षा समिति मनोनीत पदाधिकारी के पद कार्य योजना, घोषणा, योगदान सहयोग आदि का शपथ कार्यकारिणी या आम सभा में दिलायेगा।

झ      प्रदेश, जिला समितियों का मनोनयन इसी पद्धति से होगा।

ढ      मण्डल समिति आम सहमति से मण्डल मनोनीत आपस में कर सकता है।

नोट-    यदि किसी पद पर मनोयन के लिए कोई आवेदन नही आता है तो राष्ट्रीय समीक्षा समिति अपने विवेक से योग्य व्यक्ति को उस पद पर नियुक्त कर सकती है परन्तु कार्यकारिणी शुल्क देय होगा।

 

  1. संस्था का कार्यकाल

संस्था का कार्य संचालन एवं व्यवस्था हेतू प्रत्येक ३ वर्ष में विधिवत कार्यसमिति का निर्वाचन एव प्रत्येक वर्ष समीक्षा समिति द्वारा कार्यकारिणी समितियों का समीक्षा बैठक कराया जाएगा जिसमें समीक्षा समिति रिपोर्ट बनायेगी और आम सभा में अवगत कराएगी | मनोनयन प्रक्रिया अनिवार्य रूप से समय पर कराया जाना चाहिए |

  1. राष्ट्रीय समीक्षा समिति का गठन

क      समिति में कम से कम ५ और अधिकतम १५ सदस्य होगे जिनमें निम्न प्रकार की योग्यता होनी चाहिए। संस्थापक सदस्य, संस्थापक मुख्य सहयोगी, विशेष दानदाता एवं विशेष कार्य दाता आवश्यकता पर किसी विषय के विशेषज्ञ आदि हो सकते है।

ख      समीक्षा समिति में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के अध्यक्ष एवं महासचिव पदेन सदस्य होगे।

  1. समीक्षा समिति के कार्य एवं अधिकारजो कि निम्नलिखित है

क      राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के कार्य व व्यवस्था अनुशासन मनोनयन आयोग की भूमिका नियम कायदे के अनुसार सम्पन्न करना है ।

ख      राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के कार्यो का समीक्षा करना व समय-समय पर उनका मार्गदर्शन करना त्था संस्था के उद्देश्यों को सम्पन्न कराने के लिए प्रेरित करना आदि |

ग      राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के द्वारा बनाये गये योजना, आयोजन, नवीन गठन, संस्था या सदस्यों को राष्ट्रीय समीक्षा समिति द्वारा आये हुए प्रस्ताव को समीक्षा के द्वारा स्वीकृति या अस्वीकृति प्रदान करना |

घ॒      राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति, प्रादेशिक समिति, जिला समिति, मण्डल एवं सदस्य के द्वारा संस्था के उद्देश्य व नियमों के विपरीत कार्य व्यवहार आचरण किया जाता है या संस्था के उददेश्यों के विरूद्ध कार्यकलापों में संलग्न हो तो ऐसे सदस्यों को कारण बताओं सूचना देकर जानकारी लेना और निर्देश देना फिर भी अगर सदस्य संस्था आदि के आचरण में परिवर्तन न हो तो उन्हे संस्था से १ वर्ष या एक कार्यकाल के लिए बर्खास्त एवं पूर्ण रूप से सदस्यता निरस्त करने का अधिकार समीक्षा समिति के पास होगा।

ड      राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति, राष्ट्रीय महिला कार्यकारिणी समिति, राष्ट्रीय नवयुवक कार्यकारिणी समिति को कार्य व्यवहार की समीक्षा रिपोर्ट समीक्षा समिति को विवरण के साथ समय-समय पर देना अनिवार्य होगा।

  1. राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के कार्य एवं अधिकार

क      राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के अन्तर्गत प्रदेश, जिला समिति के द्वारा संस्था के उद्देश्यों को लागू कराने, दिशा निर्देश देना और उनके कार्य, व्यवहार, आयोजन समारोह आदि का समीक्षा करना, मार्गदर्शन करना एवं उद्देश्यों के पूर्ति के लिए उन्हे सहयोग देना, प्रेरित करना |

ख      संस्था के उददेश्यों के पूर्ति के लिए योजनाए बनाना एवं धन, साधन, व्यवस्था आदि करना और योजना को अपने कार्य समिति से पास कराकर राष्ट्रीय समीक्षा समिति के पास अनुमोदन के लिए प्रेषित करना |

ग      राष्ट्रीय समीक्षा समिति से पास योजनाओं को अपने अन्तर्गत आने वाली समितियों के द्वारा व्यापक स्तर पर प्रचार एवं योजनाओं को लागू कराना |

  1. राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति का गठन एवं कार्य-

गठन में निम्नलिखित पदाधिकारी होगेः

  1. अध्यक्ष

क      राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति व आमसभा की बैठकों तथा समारोह आदि की अध्यक्षता करेंगे। विवादित विषयों पर समीक्षा समिति को जानकारी देना | समीक्षा समिति के निर्णय व्यवस्था को सदन में लागू करने का कार्य करेगें। आवश्यकता पड़ने पर बैठक बुलाने का आदेश महासचिव को देगा।

ख      राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के पदों पर कार्यरत पदाधिकारियों के कार्य का समीक्षा करेगा और प्रदेश जिला ईकाईयों के अध्यक्षों को भी यह कार्य संस्था के उद्देश्यों को, संस्था की योजनाओं को कराने के लिए निरीक्षण करेगा।

ग      संस्था की उन्‍नति के लिए विधि संगत समस्त अधिकारों का प्रयोग करना और बैंक के खाते अर्थ एवं सम्पत्ति सम्बन्धी पत्रादि पर हस्ताक्षर करेगे। कोर संचालन में महासचिव की अथवा कोषाध्यक्ष के साथ अपने हस्ताक्षर का अधिकार प्राप्त होगा |

घ      कोष संचालन में महासचिव अथवा कोषाध्यक्ष के साथ अपने हस्ताक्षर करना |

ड      बैठकों में किसी विषय पर बराबर मत आने पर अपने विशेष का प्रयोग करना जो एक अतिरिक्त मत (कास्टिंग वोट) होगा ।

  1. कार्यकारी अध्यक्ष

क      अध्यक्ष अपनी मदद व सहयोग हेतु कार्यकारी अध्यक्ष को मनोनीति कर सकेगा जो अध्यक्ष से विचार विमर्श कर समस्त कार्यो को देखेंगे (अपने कार्यों में राष्ट्रीय वित्तीय अधिकार छोड़कर), तथा समस्याओं का सभी समाधान करेंगे |

  1. उपाध्यक्ष

क      अध्यक्ष एवं कार्यकारी अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष अध्यक्ष के समस्त अधिकारों का प्रयोग का पालन करेंगे। खसामान्य स्थिति में वह अध्यक्ष के सहयोगी के रूप में कार्य करेगे |

  1. महासचिव

क      समिति व उसके द्वारा संचालित कार्यक्रमों का मुख्य कार्यपालक व प्रशासनिक पदाधिकारी होगा |

ख      पारित प्रस्तावों को क्रियान्वित करना व कराना |

ग      समस्त प्रकार के पत्र व्यवहार करना आवश्यक एवं महत्वपूर्ण विषयों पर अध्यक्ष की सलाह व निर्देशानुसार पत्र व्यवहार करना व सुनिश्चित कराना |

घ      सभी प्रकार के बैठकों का आयोजन अध्यक्ष के आदेशानुसार करना, उनकी सूचनाओं का प्रसारण करवाना, बैठकों के आयोजन की व्यवस्था कराना, कार्यवाही रजिस्टर पर अंकन करना।

ड      संस्था का प्रतिनिधित्व संस्था के बाहर करना, विभिन्‍न विभागों में प्रतिनिधि के रूप में जाना |

च      संस्था से सम्बन्धित सभी प्रकार के कागजात को अपने पास सुरक्षित करना और पद छोड़ने से पहले सभी कागजात नये महासचिव को सौपना |

छ      नवीन सदस्य व संस्था संगठन पंजीयन आदि समीक्षा समिति द्वारा पास विषयों को कार्य व्यवस्था से पूर्ण करेंगे।

ज      समिति का अनुमानित आय व्यय बनाकर प्रति वर्ष समीक्षा समिति के पास स्वीकृति हेतु प्रस्तुत करना एवं समिति के समस्त आय व्यय का हिसाब रखना समीक्षा समिति द्वारा नियुक्त आडिटर से प्रतिवर्ष आय व्यय का हिसाब निरीक्षण व रिपोर्ट तैयार करवाना तथा बैंक चेक पर संयुक्त हस्ताक्षर करना |

झ      समिति की सम्पूर्ण सम्पत्ति की देखरेख एवं व्यवस्था करना |

ट       संस्था के कोष की वृद्धि के लिए हर सम्भव प्रयत्न करना और समिति द्वारा स्वीकृति आय व्यय के अनुसार व्यय करना तथा अर्थ योजना सम्बन्धित ऐसे कार्य करना जिसमें समीक्षा समिति समय-समय पर आदेश दे ।

ठ      समिति द्वारा संचालित अन्य संस्थाओं की व्यवस्था, संस्था के उद्देश्यों के पूर्णतया के लिए प्रबन्धकों को सहयोग करना | महासचिव अपनी मदद व सहायता हेतु कार्यकारी महासचिव को मनोनीत कर सकेगा जो महासचिव के आधीन महासचिव के लिखित एवं मौखिक निर्देश पर संस्था के लिए कार्य करेगा ।

 

 

 

  1. सचिव –

महासचिव एवं कार्यकारी महासचिव के अनुपस्थिति में महासचिव के सम्पूर्ण कार्य के जिम्मेदारीपूर्वक पूर्ण करना। तथा महासचिव के आदेश द्वारा उनके कार्यो में सहयोग देना | महासचिव जी जिस कार्य के लिए मनोनीत करे, उसे सम्पादित करना |

6      कोषाध्यक्ष

क      समिति द्वारा संचालित विभागों के कोष की देखभाल करना। महासचिव अथवा उसके द्वारा कोषाध्यक्ष के पास आवश्यकता से अधिक कोष बाकी के रूप में न होगा, कोष बैंक में जमा रखा जायेगा। इसे ध्यान रखेंगे तथा बैंक खाता संचालन में संयुक्त रूप से हस्ताक्षर करेगे | महासचिव के आदेशित बिल वाऊचर के भुगतान पर संयुक्त हस्ताक्षर करेंगे। बैंक खातों का संचालन करना आदि।

ख      राष्ट्रीय समितियों का कोष सम्बन्धित योजना को प्रदेश जिला कोषाध्यक्षों से सम्पर्क करके सूचनाओं का आदान-प्रदान करके पालन कराने का प्रयास करेंगे।

ग      चन्दा, सदस्यता शुल्क आदि वसूल करना और प्राप्ति का रसीद देगा।

7      सह कोषाध्यक्ष –

क      कोषाध्यक्ष के साथ मिलकर कोष से सम्बन्धित जिम्मेदारी एवं कार्यो का सम्पन्न कराना |

ख      कोषाध्यक्ष की अनुपस्थिति में कोष पद के सम्पूर्ण दायित्व को सम्पूर्ण करना |

नोट: संस्था में आर्थिक लेन देन केवल चेक, ड्राफ्ट अथवा ई पेमेन्ट ही मान्य होगा।

  1. प्रचार सचिव

राष्ट्रीय समितियों की योजना निर्णय आदि का प्रचार प्रसार के माध्यम से प्रदेश जिला समितियों आदि के प्रचार मंत्रियों से सम्पर्क करके प्रचार-प्रसार के माध्यम से सदस्यों में संस्था के प्रति आस्था एवं चैतन्तया पैदा करना व राष्ट्रीय समिति योजना से हर सदस्य को अवगत कराना |

  1. संगठन सचिव

क      संस्था के सदस्यों में संस्था के बैठक सभा आदि में उपस्थिति सुनिश्चित कराना। नये सदस्य संगठनों को संस्था से जोड़ने का प्रयास करना तथा नये सदस्यों का आवेदन महासचिव के सम्मुख प्रस्तुत करना। प्रदेश जिला इकाईयों के संगठनों सचिवों के सम्पर्क से संस्था को संगठन का कार्य सम्पादित कराना |

ख      समिति को संगठित करते हुए समिति की गतिशीलता को कायम करना व अन्य पदाधिकारियों एवं साधारण कार्यकर्ताओं के बीच में समन्वय स्थापित करना और संस्था में आए सुझाव, शिकायत एवं जानकारी पत्र को महासचिव के सम्मुख प्रस्तुत करना |

  1. प्रवक्‍ता

यह पद अध्यक्ष समीक्षा समिति के अनुमोदन से मनोनीत किया जायेगा।

कार्य-   इलेक्ट्रानिक प्रिनन्‍्ट मीडिया सोशल मीडिया Whatsapp Facebook एकाउण्ट में संरक्षक व सक्रिय सदस्य सामान्य सदस्य को जबाबदेही निश्चित करना व संस्था की ओर से संस्था के हित में आम जनमानस में संस्था की बात को मीडिया के माध्यम से रखना तथा Whatsapp Facebook एकाण्ट संस्था के नाम से बनाना व उस पर नियंत्रण रखना।

  1. सह प्रवक्‍क्ता

प्रवक्‍ता की अनुपस्थिति में व संयुक्त रूप से संस्था के उद्देश्यों को इलेक्ट्रानिक प्रिन्ट मीडिया सोशल मीडिया में प्रसारित करेगे।

 

  1. सलाहकार समिति

क      इसका गठन राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति द्वारा किया जाएगा। जो अपने प्रदेश से सम्बन्धित सामाजिक उत्थान के लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी को समय-समय पर सलाह देते रहेंगे।

ख      सलाहकार समिति के सदस्य आपस में सहमति बनाकर हीं राष्ट्रीय स्‍तर की सलाह राष्ट्रीय कार्यकारिणी को देंगे।

  1. कार्यकारिणी सदस्य – निम्नलिखित व्यक्ति कार्यकारिणी महासभा सदस्य हो सकता है।

क      राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य होने के पहले व्यक्ति को महासभा का पंजीकृत सदस्य होना अनिवार्य है।

ख      सदस्य राष्ट्रीय प्रादेशिक जिला संस्था में कम से कम 3३ वर्ष के कार्य का अनुभव होना अनिवार्य है।

ग      जिस संस्था का सदस्य हो उस संस्था के कार्यकारिणी समिति द्वारा प्रस्तावित किया जाना चाहिए।

घ      संस्था में विशेष योगदान या सहयोग करता हो |

नोट:    (1) महिला समिति व नवयुवक समिति का भी प्रारूप एवं कार्य सामान्य होगा।

(2) महिला समिति व नवयुक समिति के अध्यक्ष व महासचिव राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदेन सदस्य होंगे।

  1. प्रादेशिक कार्य समिति:

क      संगठन कार्य, नियम व विवाद संस्था के विधानानुसार ही होगा |

ख      प्रादेशिक समिति, जिला समिति के कार्य व्यवहार की समीक्षा और अपने द्वारा किये गये कार्य, सहयोग नवीन समिति गठन आदि रिपोर्ट राष्ट्रीय कार्यकारिणी को समय-समय पर वह वर्ष में एक बार विवरण के साथ देना अनिवार्य है।

ग      प्रदेश समिति जिला समिति के कार्य व्यवहार की समीक्षा और अपने जिले में नये समितियों का गठन करना और अगर समिति गठन का सम्भावना कुछ जिलों में नही बन पा रही हों तो जिला प्रभारी का गठन करना अनिवार्य होगा।

घ      जिले में २ व्यक्ति की संख्या जिला प्रभारी कहलाएगी और २ व्यक्ति से अधिक व्यक्तियों की संख्या संगठन का दर्जा प्राप्त होगा।

जैसे:- १. अध्यक्ष २. महामंत्री ३.कोषाध्यक्ष जिला संगठन समझे जायेगे।

  1. जिला समिति कार्य समिति –

क      संगठन कार्य, नियम व विवाद संस्था के विधानानुसार ही होगा। ख जिला समिति को भी इसी तरह से मण्डल प्रभारी का गठन करने का अधिकार प्राप्त होगा।

  1. जिला समितियों द्वारा समाज सेवा

क      जिला समिति अपने सामर्थ और साधन के अनुसार सामूहिक विवाह, नवयुवक नवयुवती परिचय मिलन, सम्मान समारोह आयोजन यह जिला समितियों द्वारा आयोजित किया जायेगा। इस आयोजन कोई भी सामाजिक परिवार [निर्बल वर्ग) का अपने बेटी के विवाह के लिए आवेदन कर सकता है। नवविवाहिता दम्पत्ति को गृहस्थ जीवन के दैनिक उपयोग का सामान उपहार स्वरूप भी दिया जायेगा |

ख      सामाजिक पत्रिका का विमोचन-पत्रिका कार्यक्रम के आयोजन समिति द्वारा जारी किया जायेगा जिसमें नवयुवक-नवयुवती का बायोडाटा फोटो सहित एवं समाज के प्रतिष्ठिनों, शुभकामनाओ का विज्ञापन, श्रद्धाजलि, जन्मदिन, राष्ट्र और समाज के हित की जानकारिया व सन्देश, वर्ष का आय-व्यय का विवरण प्रकाशित किया जायेगा |

ग॒      इस कार्य के लिए जिला समिति अपने समार्थ के अनुसार मिनिमम शुल्क भी अथवा निशुल्क भी अपने विवके के अनुसार सहयोग कर सकता है।

  1. प्रादेशिक जिला समिति बनने के बाद पंजीयन नियम के अनुसार कराना अनिवार्य है।
  2. राष्ट्रीय सदस्यता शुल्क

क      पंजीयन प्रदेश समिति संस्था शुल्क     11000 रू.

ख      आजीवन सदस्यता शुल्क            5100 रू.

ग      कार्यकारिणी सदस्यता शुल्क         5100 रू. (एक कार्यकाल के लिए)

 

  1. प्रदेश समिति सदस्यता शुल्क

क      जिला समिति पंजीयन शुल्क          5100 रू० (एक बार)

ख      प्रदेश कार्यकारिणी शुल्क            2100 रु.

ग      प्रदेश समिति सदस्य        4100 रू.

नोट :   प्रदेश कार्यकारिणी में आने के लिए प्रदेश समिति का सदस्य, जिला समिति एवं जिला प्रभारी का सदस्य होना अनिवार्य है।

  1. जिला समिति सदस्यता शुल्क

क      जिला कार्यकारिणी सदस्यता शुल्क     1100 रू.

ख      जिला समिति सदस्यता शुल्क         500 रू.

ग      जिला आम सदस्यता शुल्क          100 रू. (प्रतिवर्ष)

  1. मण्डल समिति सदस्यता शुल्क एक कार्यकाल के लिए (तीन वर्ष) के लिए निम्नलिखित है ।

क      मण्डल कार्यकारिणी सदस्यता शुल्क 500 रू.

ख      मण्डल समिति सदस्य 100 रू.

विशेष- अध्यक्ष संस्था के हित में अपने विवेक द्वारा किसी कर्मठ संघर्शशील, जुझारू सदस्य का या विशेष परिस्थिति में किसी सदस्य का शुल्क माफ कर सकते है।

  1. आय व्यय का नियम-

क      जो समिति शुल्क दान, सहयोग प्राप्त कर रहे है। वह अपने वर्ष की आय व्यय का विवरण से सदस्यों को अवगत करायेगे एवं उसी समिति का जवाबदारी होगी और प्राप्त कर्ता समिति का एकत्र राशि का पूर्ण जिम्मेदारी होगी। राष्ट्रीय कार्यकारिणी का एवं अन्य किसी समितियों का नही होगा |

ख      आवश्यकता या शिकायत पर राष्ट्रीय समीक्षा समिति एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति सम्बन्धित समिति से आय-व्यय का विवरण तलब कर सकती है। उस समिति का कार्य होगा की समय सीमा के अन्तर्गत दस्तावेज सहित जवाब देने के लिए बाध्य होगा तथा राष्ट्रीय समितियों को अपने कार्यकलापों से संतुष्ट करना अनिवार्य होगा |

ग      समितियों की जिम्मेदारी होगी की वह अपने आय-व्यय व समितियों द्वारा किये गए कार्य एवं आयोजन आदि का विवरण के साथ अपने सम्बन्धित समितियों को वार्षिक रिपोर्ट द्वारा अवगत करायें।

  1. संरक्षक मण्डल – संरक्षक मण्डल का सदस्य कोई भी संस्था, प्रतिष्ठानों धर्मार्थ संस्था, सामाजिक संस्था समाजसेवी संस्था एवं व्यक्ति बन सकता है जो संस्था के कार्यो को समर्थन करता हो और सहयोग भी करता हो | सहयोग राशि निम्नलिखित होगी

क      राष्ट्रीय स्तर पर राशि       51000/रू.

ख      प्रदेश स्तर पर राशि        11000 रू.

ग      जिला स्तर पर राशि 5100 रू.

  1. संरक्षक मण्डल अधिकार

क      समाज के सत्यकार्य धर्मार्थ में आप के सहयोग को निर्बल वर्ग के उत्थान के लिए उपयोग किया जायेगा |

ख      सामाजिक पत्रिका मे संरक्षक मण्डल व उनके द्वारा दी गई सहयोग राशि और नाम प्रकाशित किया जायेगा।

ग      समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित सदस्य का अधिकार प्राप्त होगा |

घ      समिति के विशेष मंत्रणा के लिए आवश्यक होने पर आपकों आमंत्रित किया जायेगा। प्रदेश व जिला स्तर के संरक्षक मंडल का अधिकार राष्ट्रीय समीक्षा समिति के अनुसार होगें |

 

  1. विशेष सोजन्यकर्ता सहयोगी – सौजन्य करता सहयोगी इनके द्वारा संस्था के किसी कार्यकम कार्यकारिणी बैठक आमसभा एवं अन्य किसी कार्यक्रम को यह सामूहिक विवाह में जोड़ों को उपहार या सामान आदि प्रायोजित किया जा सकता है। उस कार्य सहयोग के लिए सौजन्यकर्ता का नाम उस कार्य के लिए अंकित किया जायेगा। और संरक्षक मण्डल का अधिकार भी आपकों भी उस वर्ष प्राप्त होगा |
  2. राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति द्वारा सहयोग – संस्था के उद्देश्यों के लिए

      समिति जिला स्तर पर नवीन आयोजको को कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षण और संचालन का गुण सिखाएगा।

      अगर जरूरत पड़ी तो उस जिले में नवीन आयोजन के लिए प्रसिक्षित टीम भी भेजी जा सकती है।

      जिला समिति के कार्यक्रम में अगर आवश्यकता हुआ तो कुछ समय के लिए अनुदान के द्वारा प्रोत्साहन राशि एवं किसी विशेष कार्य का खर्च आदि दिया जा सकता है। यह राष्ट्रीय समिति के विवेक पर निर्भर होगा, वही मान्य होगा |

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